पूजा के हेतु शंकर आयल छी हम पुजारी 2 जानी ने मंत्र-जप-तप, पूजा के विधि ने जानी तइयो हमर मनोरथ, पूरा करू हे दानी चुप भए किए बइसल जी, खोलू ने कने केबारी बाबा अहाँके महिमा, बच्चेसँ हम जनइ छी दर्शन दिअऽ दिगम्बर, दर्शन केर हम भिखारी हे नाथ हम अनाथे, वर दय करू सनाथे मिनती करू नमेश्वर, कर जोड़ि दुनू हाथे डामरु कने बजाउ, गाबइ छी हम नचारी