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Showing posts from May, 2021

चलु सखि हिल मिल जनक के आँगन

  चलु सखि हिल मिल जनकके आँगन ,  दूल्हा बनल श्री राम हे।   2 1, दुहि किशोर बीच एलै बशिष्ठ गुरु। 2 एक गोर एक छथि श्याम है।   दूल्हा बनल श्री राम हे।   2 2, देश विदेश केर,  भूप सब ऐले सखि  2 धूरि खा के गैला , निज धाम है  जे शिव धनुष छूबैत काल टूटि गैले रहि गइले सिया जी केर मान है दूल्हा बनल श्री राम हे।   2 3, रंग बिरंग केर,  बाज गैले साज सखि 2 बरसल सुमन आकाश है दैहिक बैदिक आज सब मिट गैल, मिट गैल तीनो पाप है दूल्हा बनल श्री राम हे।   2 चलु सखि हिल मिल जनकके आँगन ,  दूल्हा बनल श्री राम हे।